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Showing posts from May, 2026

leasing पट्टेदारी

 पट्टादारी  दो पक्षकारों के मध्य एक संविदा है जिसमें संपत्ति का स्वामी एक निश्चित समय अवधि के लिए अपनी संपत्ति को एक निश्चित किराए के बदले दूसरे पक्षकार को प्रयोग करने का अधिकार देता है। संपत्ति का स्वामी पट्टादाता और प्रयोग करने वाला पक्षकार पट्टाधारी कहलाता है ।  किराए की राशि मासिक त्रैमासिक छमाही या वार्षिक हो सकती है। पट्टे की अवधि पूर्ण होने पर संपत्ति को स्वामी को लौटा दिया जाता है या पुनः पट्टे का संविदा कर लिया जाता है। पट्टेदारी जो पुनः पट्टे के अंतर्गत आती है वह अल्पकाल के लिए होती है । दीर्घकालीन पट्टे के संविदा में पट्टाधारी पट्टे पर या तो काय करता है या नए सिरे से पट्टा करने का विकल्प रखता है।   पट्टे के प्रकार   1सेवा पट्टा या परिचालन पट्टा  यह अल्पकालीन पट्टा होता है जिसकी अवधि संपत्ति के जीवनकाल से कम होती है। संपत्ति के जीवन काल से पट्टे की अवधि कम होने के कारण इससे प्राप्त राशि द्वारा संपत्ति को अपलिखित नहीं किया जा सकता है परिणाम स्वरूप पट्टादता को निवेश की लागत और उस पर प्राप्त प्रत्याय के लिए या तो दोबारा पट्टा का संविदा करना पड़ता है ...