वाणिज्य संबंधित विषय सामग्री
यह ब्लॉग वाणिज्य और वाणिज्य से संबंधित विषयों के लिए आधारभूत ढांचे की तरह कार्य करेगा जिसमें अर्थशास्त्र प्रबंध और बैंकिंग से संबंधित छोटे-छोटे आर्टिकल्स प्रकाशित किए जाते हैं।
उद्यमिता
leasing पट्टेदारी
भारत में लघु उद्योग
भारत में लघु उद्योग
हम यहां यह जानने का प्रयास करेंगे कि लघु उद्योग होता क्या है ?इसकी परिभाषा क्या है?
1 सेवा क्षेत्र
2 निर्माण क्षेत्र
निवेश की राशि की सीमा
10 लाख से लेकर 2 करोड़ रुपए तक का निवेश कंपनी को स्थापित करने में।
निवेश राशि की सीमा
सूक्ष्म उद्योग
मध्यम उद्योग
लघु उद्योग की विशेषताएं
लघु उद्योग के उद्देश्य
लघु उद्योगों के महत्व
लघु उद्योगों की समस्याएं
उपरोक्त समस्याओं के निदान
सरकार द्वारा किए जाने वाले उपाय
Mutual funds पारस्परिक निधियां
विकास बैंक (Development Bank)
personal selling
औद्योगिक इकाइयों का स्थानीयकरण
Approaches of selling process
विक्रय प्रक्रिया के अंतर्गत विक्रय कर्ता द्वारा अपने ग्राहकों के लिए विभिन्न प्रकार के विक्रय दृष्टिकोण को अपनाना पड़ता है क्योंकि ग्राहकों की मनोंृतया ,स्वभाव, आय, रहन सहन सभी चीजों को विक्रय कर्ता द्वारा ध्यान में रखना आवश्यक होता है। इनको देखते हुए हम पांच प्रकार के विक्रय दृष्टिकोण को अपना सकते हैं ।
1 मित्र दृष्टिकोण
इस दृष्टिकोण के अंतर्गत संगठनात्मक संरचना में विपणन गतिविधियो में सहायता करने के लिए कम से कम 2 लोगों को एक साथ रखा जाता है जिनमें मैत्रीपूर्ण संबंध होते हैं और यह विपणन के काम को आसान बना देते हैं।
इसमें यह धारणा भी शामिल होती है कि कोई भी व्यक्ति अपने करीबी दोस्त के साथ ही व्यापारिक संबंध बनाना चाहता है जिसके बारे में वह व्यक्तिगत रूप से जानता है । संबंधों में किसी प्रकार का दिखावा हो तो यह विपणन कार्य में बाधक होता है । एक और चीज स्पष्ट करना अनिवार्य है कि विपणन कर्ता यदि व्यक्तिगत रूप से ग्राहकों के साथ संपर्क करता है तो उसमें मैत्रीपूर्ण आत्मीयता की भावना का होना अनिवार्य है ।
2 समाधान दृष्टिकोण
इसके अंतर्गत विक्रय करता को ध्यान से ग्राहकों को सुनना होता है उससे कुछ प्रश्नों के द्वारा उसकी आवश्यकता ओं को जानने का प्रयास किया जाता है और फिर ग्राहक को वस्तु क्रय करने के लिए सलाह दिया जाता है ।
यदि मुझे भारतीय अर्थव्यवस्था के पुस्तक की आवश्यकता है और किताब विक्रेता द्वारा पुस्तक के लेखक के नाम और प्रकाशन के बारे में पूछे जाने पर मैं नहीं बता पाता तो पुस्तक विक्रेता द्वारा यह पूछना कि किस उद्देश्य से आप पुस्तक खरीदना चाहते हैं ,मैं उसे बताता हूं । वह मुझे सिविल सर्विसेस की किताब खरीदने की सलाह देता है।मेरे द्वारा वह पुस्तक खरीद ली जाती है उसे पढ़ने के साथ ही उस पुस्तक की भाषा और लेखन शैली मुझे काफी प्रभावित करती है इस प्रकार मेरे सामने जो पुस्तक ख़रीद को लेकर समस्याएं उत्पन्न हुई थी उसे विक्रय करता द्वारा काफी अच्छे तरीके से समाधान किया गया।
3 गुरु दृष्टिकोण
इसके अंतर्गत आप अपने को एक विश्लेषक और तार्किक व्यक्ति के रूप में लोगों के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं जिसमें बौद्धिक क्षमता के द्वारा समस्याओं के समाधान करने और सलाहकार की भूमिका निभाने की क्षमता होती है । इस प्रकार के दृष्टिकोण रखने वाला सेल्सपर्सन एक मोटीवेटर के रूप में अपना काम करता है और बहुत सारे रेफरल बनाता है जो इसे फॉलो करते हैं ।
इसके अलावा एक सेल्सपर्सन अपने क्षेत्र का अच्छा जानकार होता है जिसे अपने क्षेत्र के विभिन्न चुनौतियां का सामना करने का अच्छा अनुभव होता है।
4 परामर्शदात्री बिक्री दृष्टिकोण
सामान्यतः तकनीकी से संबंधित विक्रय के लिए इसका विशेष महत्व होता है ।इसमें विक्रय कर्ता अपने ग्राहकों के साथ मित्रता और विश्वसनीयता के संबंध स्थापित करता है। अपनी समझ ज्ञान और अनुभव द्वारा वह ग्राहकों के समस्याओं का विश्लेषण कर उसे उचित परामर्श देता है।
5 ग्राहक व्यक्तित्व दृष्टिकोण
इसके अंतर्गत एक विक्रय कर्ता खरीदार के प्रकार के अनुसार अपने विक्रय दृष्टिकोण को अपनाता है | पहले वह खरीदार को परखता है उसके बाद वह विक्रय के उस तरीके को अपनाता है जो उसे अधिक प्रभावित कर सकता है |
मान लीजिए ए और बी दो मित्र हैं | ए पेशे से एक साइकल विक्रय कर्ता है जबकि बी एक शिक्षक है | ए द्वारा बी को साइकिल खरीदने की सलाह दी गई। ए ने साइकिल खरीदने के लिए बी पर जोर नहीं दिया और ना ही उससे सहमति लेने का भी प्रयास किया । ए ने तुरंत हां ना करके 4 दिन पश्चात साइकिल लेने की इच्छा जाहिर की । ए साइकिल का एक विक्रय कर्ता था इसीलिए उसने बी को साइकिल बेच दी।
यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि ए का बी के साथ घनिष्ठ संबंध था इसलिए वह एक पेशेवर के रूप में बी को साइकिल नहीं भेज सकता था ।
बी द्वारा इस बात की पुष्टि कर ली जाती है उन4 दिनों में कि ए द्वारा उसे उचित सलाह दिया गया है। इसलिए वह बी से ही साइकिल खरीदने की अपनी इच्छा जाहिर करता है।
इस प्रकार उपरोक्त विक्रय दृष्टि को ध्यान में रखकर एक विक्रय कर्ता विपणन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
selling process विक्रय प्रक्रिया
उद्यमिता
उद्यमिता की परिभाषा उद्यमिता से आशय उद्यमी द्वारा किए जाने वाले कार्यों से है जिसमें उद्यमी किसी नए व्यवसाय को स्थापित करने से संबंधित ...
-
भूमिका उद्यमिता और उद्यमी को जानने के पश्चात अब प्रश्न यह उठता है कि उद्यम को स्थापित कैसे किया जाए ? जहां उद्यम स्थापित करने की...
-
इस ब्लॉग में हम महत्वपूर्ण टॉपिक औद्योगिक रुग्णता के बारे में संक्षिप्त जानकारी लेंगे तो चलिए देखते हैं औद्योगिक रुग्णता के बारे में- किसी भ...
-
दोस्तों पिछले ब्लॉग में हमने उद्यमिता और उद्यमी के बारे में देखा अब उद्यमीय पर्यावरण के बारे में बात करेंगे जिसके अंतर्गत एक उद्योग स्थापित...