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merchant banking

13वीं शताब्दी में यूरोप में कुछ व्यापारिक परिवारों द्वारा वस्तुओं के क्रय विक्रय और प्रबंध से संबंधित कार्य किए जाते 
थे . इनके द्वारा बैंकिंग के कार्य भी किए जाते थे. यह राजाओं के बैंकर का कार्य भी करते थे और तटवर्ती क्षेत्रों में व्यापार के लिए वित्तीय सहायता भी देते थे .इस प्रकार 13वीं शताब्दी में  Merchant Bank उद्भव हुआ. 

मर्चेंट बैंकिंग

मर्चेंट बैंकिंग के अंतर्गत ऐसे संस्थाओं के कार्य आते हैं जो कर्पनियों के लिए प्रतिभूतियां लेते हैं ,विलय और अधिग्रहण से संबंधित कार्य करते हैं, अभिगोपन से संबंधित कार्य करते हैं, क्रेडिट कार्ड जारी करते हैं ,लघु स्तरीय उद्योगों के लिए धन की व्यवस्था करते हैं ,बीमा, वित्तीय परामर्श ,पोर्टफोलियो प्रबंधन ,जोखिम पूंजी से संबंधित कार्य करते हैं.

 Merchant Bank द्वारा दी जाने वाली सेवाएं


1 corporate  परामर्श 

 Merchant Bank कारपोरेट इकाइयों को समय-समय पर व्यापारिक कार्यों के लिए परामर्श देते हैं ताकि उनके कार्यों में सुधार होता रहे और निवेशकोंकीदृष्टिमेंकारपोरेट की छवि अच्छी बनी रहे जिससे इनके प्रतिभूतियों का बाजार मूल्य बढ़ सके.

2 प्रोजेक्ट से संबंधित सलाह देना

इसके अंतर्गत व्यवसाय के लिए संभावित प्रोजेक्ट और उसके कार्यान्वयन के लिए उठाए जाने वाले कदम पर परामर्श दिया जाता है जिसमें प्रोजेक्ट लागत का अनुमान, वित्तीय साधनों और विभिन्न प्रकार के प्रतिभूतियों की संरचना, प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए वैधानिक पक्षों का गठन और सरकार द्वारा प्रोजेक्ट की सहमति से प्रदान करने से संबंधित कार्य किया जाता है.

3 कंपनी के विलय और हस्तांतरण का प्रबंध करना 

इसके अंतर्गत निगम में विलय और हस्तांतरण से संबंधित कार्यों का निष्पादन मर्चेंट बैंकों के द्वारा किया जाता है. दो या दो से अधिक कंपनियों के विलय के लिए या एक कंपनी द्वारा दूसरे कंपनी के अधिग्रहण के लिए इन बैंकों द्वारा आवश्यक सेवाएं दी जाती हैं जिसके बदले में  एक निश्चित फीस ली जाती हैं.

4 प्रतिभूतियों के निर्गमन का प्रबंधन करना 

प्रतिभूतियों के निर्गमन से संबंधित कार्यों में निम्न सेवाएं सम्मिलित की जाती हैं
 प्रोस्पेक्टर्स तैयार करना , निर्गमन की योजना बनाना और बजट तैयार करना ,ब्रोकरेज अभिगोपन से संबंधित समझौते करना, प्रतिभूतियों के निर्गमन के लिए विज्ञापन देना , स्टॉक एक्सचेंज में प्रतिभूतियों को सूचीबद्ध करने में सहायता करना ,बोनस इश्यू या नए इश्यू  के संबंध में सलाह देना .

5 कंपनी के पूंजी पुनर्गठन से संबंधित सेवाएं

इसके अंतर्गत निम्न प्रकार की सेवाएं आती हैं 
कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ कंट्रोलर ऑफ़ कैपिटल इश्यू को तैयार करना और उसकी सहमति प्राप्त करने में सहायता करना .
बीमार इकाइयों के पूंजी संरचना का सुझाव देना .
फॉरेन एक्सचेंज रेगुलेशन एक्ट द्वारा संचालित कंपनियों को पूंजी निर्माण में सहायता प्रदान करना है.

6 लोन सिंडिकेशन का कार्य करना

 इसके अंतर्गत मर्चेंट बैंक ऋणदाता और वित्तीय संस्थाओं से वित्तीय सहायता के लिए ऋण आवेदनों से संबंधित पार्टी की सहायता करते हैं .इसके लिए आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों  से संबंधित औपचारिकताओं की पूर्ति के लिए भी पार्टी की सहायता करते हैं. 

7.पोर्टफोलियो प्रबंधन  

इसके अंतर्गत मर्चेंट बैंक निवेशकों को निवेश निर्णय से संबंधित परामर्श देते हैं की विभिन्न प्रतिभूतियों में कितनी राशि का निवेश हो इसमें निवेश के उद्देश्य निवेश पर लगने वाले टैक्स और रिटर्न को ध्यान में रखा जाता है .

8 पट्टे की सेवाएं

 मर्चेंट बैंक पट्टे के लिए संपत्ति और वित्त की सुविधाएं प्रदान करते हैं पट्टा संपत्ति के स्वामी और प्रयोग करता के बीच के निश्चित समय अवधि के लिए समझौता होता है जिसमें संपत्ति का प्रयोग करता स्वामी को रेंट देता है 

9 तकनीकी और वित्तीय सहयोग 

तकनीकी और वित्तीय सहायता के रूप में यह निगमों को आवश्यकतानुसार तकनीकी में परिवर्तन करने हेतु विशेषज्ञों के रूप में सलाह देते हैं और इससे संबंधित संयंत्रों के लिए वित्तीय सहायता की व्यवस्था करते हैं.

10 म्युचुअल फंड को संचालित करना 

यह निवेशकों से प्राप्त कोषों को विभिन्न प्रकार के प्रतिभूतियों में इस प्रकार निवेश करते हैं जिससे जोखिम कम हो और निश्चित रिटर्न भी मिलता रहे . इसके लिए म्यूच्यूअल फंड का संचालन  किया जाता है.

मर्चेंट बैंकर के उत्तरदायित्व

1 प्रतिभूति बाजार के साथ जुड़ाव 

सेबी द्वारा मर्चेंट बैंकर को प्रतिभूति बाजार में व्यापार करने का प्रमाण पत्र दिए जाने पर प्रतिभूति बाजार के कार्यों के अलावा वह अन्य प्रकार के  प्रतिभूतियों के व्यापार कार्य नहीं कर सकता है.

2 लेखा पुस्तकों से संबंधित रिकॉर्ड तैयार करना 

इसके अंतर्गत मर्चेंट बैंकर लेखा लेखांकन से संबंधित रिकॉर्ड और दूसरे अन्य दस्तावेज तैयार करता है जिसमें बैलेंस शीट संबंधित अवधि का लाभ हानि खाता है इनके ऑडिट रिपोर्ट निर्गमन प्रबंध के प्री इशू और पोस्ट ईशु से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड सम्मिलित होते हैंजिसकी सूचना और तैयार करने का स्थान sebi को बताना पड़ता है.

3 छमाही परिणाम को प्रस्तुत करना 

मर्चेंट बैंकर के पूंजी की पर्याप्त मात्रा की जानकारी प्राप्ति हेतु सेबी इसके अर्धवार्षिक ऑन ऑडिटेड वित्तीय परिणामों की जांच कर सकता है और इस संदर्भ में मर्चेंट बैंकर को अनऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट को सेबी के समक्ष प्रस्तुत करना होता है.

4 लेखा पुस्तकों और उस पर आधारित रिकॉर्ड व अन्य दस्तावेजों को तैयार करना 

प्रत्येक मर्चेंट बैंकर के लिए यह आवश्यक होता है कि वह कम से कम 5 वर्षों के लेखांकन पुस्तकों के रिकॉर्ड व उसे संबंधित अन्य दस्तावेजों को तैयार रखें जिसकी जानकारी सेबी को होनी चाहिए.

5 ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कदम उठाना 

मर्चेंट बैंकर द्वारा ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर दो महीने के अंदर ऐसा कदम उठाना चाहिए जिनसे कमियों या दोषों को दूर किया जा सके.

6 अंडरराइटिंग से संबंधित उत्तरदायित्व 

मर्चेंट बैंकर जिस निर्गमन का प्रबंध करता है उसका वह प्रमाण पत्र सेबी  द्वारा प्राप्त करता है. अभिगोपन से संबंधित धारणा के अंतर्गत वह कुल अभिगोपन जिसका उत्तरदायित्व उसके पास है या ₹2500000 में से जो भी कम हो उस राशि का 5% न्यूनतम अभिगोपन की राशि के रूप में स्वयं स्वीकार करता है. 

7 अन्य शेयरों के अधिग्रहण की मनाही 

कोई भी मर्चेंट बैंकर या उसका निदेशक पार्टनर या मुख्य अधिकारी अपने क्लाइंट के साथ उसकी प्रतिभूतियों में किसी प्रकार के सौदे में दाखिल नहीं होगा.

8 बोर्ड को जानकारी देना 

मर्चेंट बैंकर द्वारा किसी व्यापार में प्रविष्ट होने की जानकारी सेबी को 15 दिनों के अंदर दी जाती है उसके द्वारा प्रतिभूतियों के अधिग्रहण का विवरण भी सेबी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए.

9 अनुरोधक अधिकारी की नियुक्ति

 प्रत्येक मर्चेंट बैंकर का यह दायित्व होगा कि वह अपने यहां एक अनुरोध अधिकारी की नियुक्ति करें जो नियम कानून अधिग्रहण निर्देश आदेश जो सेबी द्वारा दिए जाते हैं उसकी पूर्ति के लिए उत्तरदाई होगा.

10 सेबी को निरीक्षण का अधिकार 

सेबी द्वारा विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति हेतु यदि किसी मर्चेंट बैंक का निरीक्षण करना हो तो वह एक या दो व्यक्तियों को निरीक्षण अधिकारी के रूप में नियुक्त कर सकता है ताकि मर्चेंट बैंकरों के लेखा पुस्तकों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों से संबंधित पुस्तकों की जांच की जा सके.

11 अंकेक्षक की नियुक्ति 

निरीक्षण और जांच पड़ताल के लिए सेबी द्वारा योग्य अंकेक्षक को नियुक्त किया जा सकता है 

12 मर्चेंट बैंकर द्वारा कर्तव्य पालन नहीं करने की स्थिति में सेबी  उस पर कार्यवाही कर सकता है.



वित्तीय सेवाएं

वित्तीय सेवाएं वित्तीय प्रणाली के घटकों में से एक हैं जो विभिन्न क्रेडिट उपकरणों वित्तीय उत्पादों और सेवाओं के माध्यम से विभिन्न प्रकार के वित्त प्रदान करती हैं

 वित्तीय  सेवाओं के प्रकार

1कोष आधारित वित्तीय सेवाएं 
2फीस  आधारित वित्तीय सेवा 

1 fund based financial services 
 कोष आधारित वित्तीय 

Lease finance, hire purchase  and consumer credit,bill discounting, venture capital, housing finance, insurance services , factoring

2 fee based financial services 
 फीस आधारित वित्तीय सेवाएं

Portfolio management,  mergering and acquisitions, capital restructure, credit rating ,stock broker ,loan syndication.

Lease finance

इसके अंतर्गत पट्टा दाता द्वारा पट्टेदार को एक निश्चित अवधि के लिए संपत्ति का हस्तांतरण एक निश्चित किराए के बदले किया जाता है .संपत्ति का उपयोग पट्टेदार द्वारा ठीक उसी प्रकार किया जाता है जैसे उसकी यह व्यक्तिगत संपत्ति हो .संपत्ति के मरम्मत रखरखाव और होने वाले खर्च इसके अलावा उससे होने वाले अप्रत्याशित लाभ भी पट्टेदार के ही होते हैं. पट्टे की अवधि समाप्त होने पर पट्टादार संपत्ति को वापस कर सकता है या नया संविदा पट्टादाता के साथ पुनः कर सकता है.

Hire purchase 

किराया क्रय पद्धति के अंतर्गत स्वामी द्वारा संपत्तियों का हस्तांतरण एक निश्चित अवधि के लिए क्रेता को प्रयोग करने के लिए की जाती है. इस अवधि तक संपत्ति का क्रेता स्वामी को एक निश्चित किराए की राशि देता है. संपत्ति के मरम्मत और रखरखाव रखरखाव का खर्च भी संपत्ति के स्वामी द्वारा किया जाता है. किराए की अवधि समाप्त होने पर वह संपत्ति पुनः स्वामी को  क्रेता द्वारा  लौटा दी जाती है.

Bill discounting 

बिल डिस्काउंटिंग वित्तप्राप्ति के साधन है जिनके द्वारा बिना समपार्श्विक प्रतिभूतियों के उधार प्राप्त किया जा सकता है. बैंक बिल रिसिवेबल को बट्टे पर खरीद कर प्राप्ति की तिथि पर उसे प्रस्तुत करता है और बिल की वसूली करता है. बैंक द्वारा बिलों की बट्टे पर खरीदारी एक तरह से उनके द्वारा पार्टी को दिया जाने वाला उधार होता है.

Venture capital

किसी नए व्यवसाय को स्थापित करने के लिए या चालू व्यवसाय की नई इकाइयों की स्थापना के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है जिसमें जोखिम तत्व सम्मिलित होता है. इस जोखिम को वहन करने वाली कोई कंपनी होती है या कोई फॉर्म या कोई व्यक्ति विशेष.  सामान्यत : इस्टार्टअप व्यवसाय के लिए एंजल इन्वेस्टर्स द्वारा पूंजी लगाई जाती है जो इन व्यवसाय मॉडल्स को अच्छे तरीके से अध्ययन करते हैं और लंबी अवधि के लिए लाभ की अपेक्षा से इस प्रकार के व्यवसाय में निवेश करते हैं.

Housing finance 

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी द्वारा कोष आधारित सेवाओं में होम लोन की सुविधाएं लोगों को दी जाती है. इसमें उधार देने वाली कंपनी एक निश्चित इंटरेस्ट रेट पर ईएमआई के साथ उधार चुकाने का विकल्प देती है जिसमें नए घर की खरीद ,घर का निर्माण कार्य ,घर के मरम्मत या घर की अतिरिक्त संरचना को पूरा करने के लिए कंपनियां उधार देती हैं.

Portfolio management 
 
 यह वित्तीय बाजार में जोखिम और निवेश का मिलाजुला रूप होता है जिसके अंतर्गत निवेशक के फण्ड को बाजार प्रतिभूतियों में इस प्रकार निवेश किया जाता है कि जोखिम भी कम हो और निश्चित आय भी निवेशक को मिलती रहे. पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का काम वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा किया जाता है.
 
Credit Rating
 
क्रेडिट रेटिंग के अंतर्गत क्रेडिट रेटिंग एजेंसी किसी भी कंपनी के ऋण भुगतान क्षमता का निर्धारण करती हैं और उनकी श्रेणी का निर्धारण भी करती हैं.

विभिन्न प्रकार के संस्थाओं द्वारा जो क्रेडिट रेटिंग करवाया जाता है उनका मुख्य उद्देश्य वित्तीय कंपनियों से उन संस्थाओं को वित्त सहायता प्राप्त करना होता है जिसके अंतर्गत उधार लिए गए रकम के देने की क्षमता के निर्धारण को वित्त प्रदान करने वाली संस्थाएं देखती हैं और उसके अनुसार मौजूद संस्था को वित्तीय सहायता प्रदान करने का आश्वासन देती हैं.

Stock broker
 
stock broker भी कंपनी के  शेयर,  बांड या ऋण पत्रों  के अभिगोपन ,क्रय- विक्रय का कार्य करते हैं और यह कार्य फीस पर आधारित होता है.

Loan syndication 

Loan syndication  के अंतर्गत जब किसी व्यक्तिगत उधार कर्ता को लोनकी बड़ी राशि की आवश्यकता होती है तो उधार देने वाली संस्थाएं इस प्रकार की बड़ी रकम के लिए एक सिंडिकेट का गठन करती हैं जो कई ऋण दाता ओं का समूह होता है . इस सिंडिकेट द्वारा दिए गए उधार की राशि का जोखिम विभिन्न ऋणदाताओं में बंट जाता है .




 

Indian independent and professional investment information and credit rating agency (ICRA)

ICRA

इसे औद्योगिक निगम द्वारा बढ़ावा दिया गया

 उद्देश्य

1 संस्थागत और व्यक्तिगत निवेशकों और लेनदारों के लिए मार्ग प्रदर्शन और सूचना प्रदान करना ।

2 वित्तीय बाजारों में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए निगमों को सहायता देना।
 
3 बैंकों, निवेश बैंकरों, दलालों को विपणन औजार प्रदान कर के निवेशकों के ऋण रखने योग्य बनाना।

कार्य 

1 क्रेडिट रेटिंग संबंधित सेवाएं ICRA गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, वित्तीय संस्थाओं, 'सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों और निगमों द्वारा जारी ऋणपत्रों की रेटिंग करता है । इसमें दीर्घ ,मध्य और लघु अवधि के वाणिज्य पत्र और डिपाजिट प्रमाण पत्र शामिल किए जाते हैं 

2 सूचना सेवाएं 

*ग्रेडिंग इक्विटी निवेशकों की प्रस्तावित कंपनी की कमाई पर महत्वपूर्ण आंकड़े प्रदान करना इसके कार्यों में से एक है।
* कारपोरेट संस्था द्वारा सामना किए जाने वाले मुख्य मुद्दों की स्पष्ट तस्वीर यह प्रस्तुत करता है ।
*मुद्रा और वित्त से संबंधित भारतीय अर्थव्यवस्था के मौद्रिक और राजस्व क्षेत्र से संबंधित तिमाही रिपोर्ट का यह प्रकाशन करता है।
* कारपोरेट निवेशकों के लिए विश्वसनीय सूचनाएं प्रदान करके उनके निर्णयों को प्रभावित करता है।

3 परामर्श सेवाएं 

इसमें निम्न सेवाओं को शामिल किया जाता है जोखिम प्रबंध ,रणनीतिक सलाह ,पुनर्संगरचना ,समाधान ,नीति निरूपण के लिए इनपुट, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं, सेवा और निर्माण क्षेत्र में ग्राहक की विशेष जरूरत पर आधारित अध्ययन।

ICRA क्रेडिट रेटिंग के संकेत 

दीर्घ अवधि की प्रतिभूतियां जिसमें ऋण पत्र बांड अधिमान अंश शामिल होते हैं

LAAA उच्च सुरक्षा

LAAA उच्च सुरक्षा मध्यम श्रेणी का जोखिम

LA+ पर्याप्त सुरक्षा

LBBB सुरक्षात्मक रूप से ऊपर नीचे होना

LB जोखिम उन्मुख होते हैं सुरक्षा संकीर्ण होते हैं.

मध्यम अवधि की प्रतिभूतियां

MAAA  उच्चतम सुरक्षा

MAA+ उच्च सुरक्षा

MA+ पर्याप्त सुरक्षा

MB+ पर्याप्त सुरक्षा

MC जोखिम 

लघु अवधि

A1+ उच्चतम सुरक्षा

A2 उच्च सुरक्षा

A3 +पर्याप्त सुरक्षा

A4 +जोखिम

इक्विटी

ERIA निम्न जोखिम

ERIB मध्यम जोखिम

ERIC उच्च जोखिम







Credit Rating Information Services of India Ltd(CRISIL)

CRISIL

CRISIL  को बढ़ावा भारत की औद्योगिक उधार और निवेश निगम लिमिटेड ने दिया। 
इसकी स्थापना ऋण दायित्वों की क्रेडिट रेटिंग के लिए की गई थी जिससे निवेशकों को समय पर ब्याज और मुख्य रकम से युक्त जोखिम को बताया जा सके।

उद्देश्य
 
1अस्थाई ब्याज प्रतिभूतियों में निवेश निर्णय को लेने में व्यक्ति और संस्थागत निवेशकों की सहायता करना।

 2 विशेष प्रकार के ऋण पत्रों पर ब्याज भुगतान के जोखिम के लिए निवेशकों का मार्गदर्शन करना ।

3 कम लागत पर ज्यादा निवेशक  के माध्यम से फंड इकट्ठा करने में कंपनियों की सहायता करना। 

4 व्यापारी बैंक करो दलालों,निगमों, नियामक अधिकारियों के बीच क्रेडिट रेटिंग की धारणा की जागरूकता पैदा करना और वातावरण का निर्माण करना जिससे ऋणों की क्रेडिट रेटिंग किया जा सके।

5 बाजार नियामक प्रणाली का विकास करना जिससे पूंजी बाजार के स्वस्थ विकास और अनुशासन को सुनिश्चित किया जा सके ।

कार्य 

1 क्रेडिट रेटिंग संबंधित सेवाएं 

इसमें कम अवधि ,मध्यम और दीर्घ अवधि के ऋण पत्रों, अधिमान अंश, डिपॉजिट के प्रमाण पत्रों,वाणिज्यिक पत्रों और वित्तीय कंपनियों के दायित्व बैंकों ,वित्तीय संस्थाओं, निर्माताओं और बीमा कंपनियों की रेटिंग की जाती है इसके अलावा चीट फंडों और बैंक कर्मियों की रेटिंग की जाती है ।

2 परामर्श सेवाएं 

यह विभिन्न राज्य सरकारों को परामर्श सेवाएं प्रदान करती हैं। बुनियादी ढांचे के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी और निवेश योजनाएं निजीकरण प्रक्रिया में सहायता से संबंधित सलाह देते हैं।

3 शोध और सूचना सेवाएं

 CRISILभारतीय अर्थव्यवस्था ,भारतीय पूंजी बाजार, भारतीय उद्योगों और भारतीय कारपोरेट क्षेत्र का अध्ययन करती है। शोध गतिविधियों से कंपनी वित्तीय संस्थानों ,गैर वित्तीय संस्थाओं सरकार और दूसरे अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को बताने के लिए ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करती है।
CRISIL सूचक सेवाएं
CRISIL 500 मैं 79 उद्योगों की 500 कंपनियां शामिल है ।
CRISIL  मिडकैप 200 में 200 मिड कैप स्टॉक्स शामिल है।

 क्रिसिल रेटिंग संकेत

ऋण पत्रों के संबंध में 

*उच्च निवेश ग्रेड   AAA  AA

अनुमानित ग्रेड A BBB

उच्च जोखिम B

पर्याप्त जोखिम C

डिफॉल्ट D

स्थाई जमा के संबंध में 

FAAA उच्च सुरक्षा

FAAA पर्याप्त सुरक्षा

FAA पर्याप्त सुरक्षा

Rc उच्च जोखिम

बांड के लिए 

AAA f अत्यधिक सुरक्षित

AAf सुरक्षित

Af  उचित

BBBf मध्यम सुरक्षा

BBf मध्यम सुरक्षा।




Credit Analysis & Research in Equity Ltd(CARE)

CARE
*स्थापित 
औद्योगिक विकास बैंक द्वारा 

*कार्य की शुरुआत 1993 

*क्रेडिट रेटिंग की शुरुआत 1995

 सेवाएं
 1 उधार दर्जा बंदी

 CARE छोटी अवधि और दीर्घ अवधि दो प्रकार के ऋण पत्रों की क्रेडिट रेटिंग करती है।

 2 सूचना सेवाएं 

इसमें किसी व्यावसायिक उद्योग द्वारा किसी कंपनी उद्योग या विभाग पर मांगी गई सूचना को केयर द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। यह बैंकों और व्यवसाय के लाभ के लिए कंपनियों पर क्रेडिट रिपोर्ट बनाती है ।

3 इक्विटी शोध

 यह शेयर बाजार के सूचीबद्ध शेरों का विस्तार से अध्ययन करत है उनमें संभावित विजेता और हारने वालों का पता लगाती है ।

4 भारत सरकार द्वारा अधिसूचित तरल पेट्रोलियम गैस और बढ़िया केरोसिन तेल के समानांतर बाजारों के कार्य निष्पादन का क्रेडिट रेटिंग चेक द्वारा ही किया जाता है। 

5 अन्य सेवाएं

क CARE ऋण रेटिंग 

यह संस्था बैंकों और विकसित वित्तीय संस्थाओं में निर्णय प्रक्रिया सहयोग देने वाली मूल्यवान सूचनाएं प्रदान करती है ।

ख सुधार विश्लेषण रेटिंग

 यह उन व्यवसायिक संस्थाओं के लिए किया जाता है जो बैंकों वित्तीय संस्थाओं या गैर बैंकिंग जो कंपनियां है उनसे उधार सुविधाओं को बढ़ाने या प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं ।

ग ब्याज दर ढांचा मॉडल

 केयर द्वारा एक सॉफ्टवेयर पैकेज और ब्याज दर ढांचा मौजूद मॉडल को विकसित किया गया है जिसमें कंपनियां के जो उधार लेने वाले हैं उधार जोखिम और ट्रैक रिकॉर्ड के साथ ब्याज दर का निर्धारण किया जाता है।
CARE के रेटिंग संकेत 

क लंबी अवधि और मध्य अवधि के पत्र

AAA ज्यादा सुरक्षित

AA  सुरक्षित थोड़ा जोखिम

A     मूल राशि और ब्याज की सुरक्षा

BBB.  सुरक्षा 

BB उचित सुरक्षा और जोखिम

ख छोटी अवधि के पत्र

PR1 प्रतियोगिता यह प्रदत प्रतिज्ञा दायित्वों को लौटाने की उच्च क्षमता

PR2  लौटने आने की मौजूद मजबूत क्षमता

PR3 पर्याप्त क्षमता

PR4 समय पर चुकाने की न्यूनतम क्षमता

 ग लंबी अवधि के ऋण

AAAL  अच्छे मार्जिन के साथ सुरक्षा

AA (L) कम मार्जिन के साथ सुरक्षा

BBB (L) दर्जा बंदी के समय ब्याज और मूल राशि के भुगतान के लिए पर्याप्त सुरक्षा

BB (L) ब्याज और मूल राशि केेेे लिए अपर्याप्तत सुरक्षा।



उद्यमिता

  उद्यमिता  की परिभाषा उद्यमिता से आशय उद्यमी द्वारा किए जाने वाले  कार्यों  से है जिसमें उद्यमी किसी नए व्यवसाय को स्थापित करने से संबंधित ...