ICICI - 1955

 ICICI- भारतीय औद्योगिक साख एवं विनियोग निगम

स्थापना  जनवरी 1955 

उद्देश्य    

*निजी क्षेत्र में लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योगों के विकास के लिए ऋण प्रदान करना ।

*उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तार के लिए ऋण प्रदान करना ।

नोट    इसे 1955 में एक निजी सीमित कंपनी के रूप में स्थापित किया गया था।

* रिटेल बैंकिंग क्षेत्र में निजी क्षेत्रों द्वारा भारत में कार्य शुरू करने के लिए 1955 में आवेदन किए गए थे जिसमेंICICI भी शामिल थ। इस प्रकार ICICIबैंक की स्थापना भी की गई ।

*1 अप्रैल 1996 को SCICI यानी शिपिंग क्रेडिट एंड इन्वेस्टमेंट कंपनी ऑफ इंडिया का ICICI में विलय कर दिया गया।

*2002 में आईसीआईसीआई का आईसीआईसीआई बैंक में विलय कर दिया गया जो अब विकास वित्त संस्थान नहीं है ।

आईसीआईसीआई बैंक

*स्थापना   1994

*प्रधान कार्यालय   मुंबई 

*संचालक मंडल के सदस्य  14 

जिसमें से एक की नियुक्ति वाणिज्य मंत्रालय द्वारा की जाती है।

 कार्य

*निवेश बैंकिंग से संबंधित कार्य

*बंधक संपत्तियों पर ऋण प्रदान करना

*निजी बैंकिंग का कार्य करना

 *क्रेडिट कार्ड .चेक बुक .नेट बैंकिंग की सुविधाएं प्रदान करना इत्यादि।

आईसीआईसीआई बैंक भारत का तीसरा सबसे बड़ा बैंक है जबकि निजी क्षेत्र की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा बैंक है।

इसकी 

*कुल शाखाएं    2883 

*एटीएम            10021

* कुल देशों में कार्यरत      19

 *वर्तमान अध्यक्ष     गिरीश चंद्र चतुर्वेदी 

*एमडी और सीईओ     संदीप बख्शी  हैं☺☺


उद्यमिता

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